क्या बिहार की बाढ़ अब बहुत आम हो गई है?
कभी-कभी किसी परेशानी का बार-बार होना ही उसकी सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बिहार में बाढ़ हर साल आती…
A Visual Journal Of Bihar
कभी-कभी किसी परेशानी का बार-बार होना ही उसकी सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बिहार में बाढ़ हर साल आती…
किसी शहर में पढ़ने के लिए घर से निकलना जितना आसान तस्वीरों में लगता है, असल में उतना होता नहीं…
किसी चीज़ के महंगे होने का पता हमेशा अखबार की खबर से नहीं चलता। कभी-कभी उसका पता घर में रखी…
कभी किसी पुरानी तस्वीर को देखते-देखते अचानक ऐसा लगा है कि आप तस्वीर नहीं देख रहे, बल्कि उस दिन को…
रात के उस वक्त जब हमारे घरों में पंखे की आवाज़ के बीच लोग सो रहे होते हैं, Assam के…
हर दौर की अपनी-अपनी चोरी होती है। कभी किसी की ज़मीन छीन ली जाती थी। कभी किसी का हक़। कभी…
बिहार , भारत के उन चुनिंदा राज्यों में से है, जहाँ इतिहास, ज्ञान, आस्था और संस्कृति एक साथ जीवित दिखाई…
एक छोटी-सी पेंसिल हमें सिखाती है कि असली ताकत हमारे भीतर होती है। जीवन में Values, Valuables से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं और चरित्र ही इंसान की सच्ची पहचान बनाता है।
आज सुबह मैं रोज़ की तरह कॉलेज जा रही थी। वही रास्ता, वही भीड़, वही मन में चलती छोटी-छोटी चिंताएँ।…
The content reflects on how seasons symbolize various experiences in life. Summer embodies challenges and resilience, while rain brings joy and freedom. Winter offers solitude for self-reflection, and spring symbolizes hope and renewal. The narrator identifies with spring as their favorite, representing a life filled with hope, color, and resilience.